हिन्द अभिमान फाउंडेशन

(सेवासहयोगविश्वास)

🌱 हिन्द अभिमान जनसहयोग राहत योजना (HAJRY)

(हिन्द अभिमान फाउंडेशन द्वारा संचालित)

थोड़ाथोड़ा सहयोगकिसी के जीवन का सहारा

सामाजिक सुरक्षा एवं पारिवारिक सहयोग योजनाओं की सम्पूर्ण नियमावली

अध्याय – 1 : संस्था का परिचय

  1. हिन्द अभिमान फाउंडेशन एक सार्वजनिक, गैर-लाभकारी एवं गैर-राजनीतिक सामाजिक ट्रस्ट है, जिसकी स्थापना 27 मई 2020 को समाज के कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से की गई। संस्था विधिवत रूप से पंजीकृत है, जिसका पंजीकरण संख्या 12/2020 है।
  2. फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य आपदा, दुर्घटना, बीमारी, आकस्मिक निधन, विवाह एवं अन्य संकट की परिस्थितियों में प्रभावित परिवारों को सम्मानजनक, पारदर्शी एवं समयबद्ध सहयोग उपलब्ध कराना है।
  3. संस्था का कार्यक्षेत्र सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश रहेगा। आवश्यकता अनुसार संस्था अपने कार्यक्षेत्र का विस्तार अन्य राज्यों अथवा राष्ट्रीय स्तर तक कर सकती है।

अध्याय – 2 : सदस्यता नियम

  1. फाउंडेशन की सदस्यता कोई भी भारतीय नागरिक ले सकता है, जिसकी आयु न्यूनतम 18 वर्ष एवं अधिकतम 60 वर्ष हो।
  2. एक बार सदस्य बन जाने के पश्चात 65 वर्ष की आयु तक सदस्यता बनाए रखने की अनुमति होगी।
  3. 65 वर्ष की आयु पूर्ण होते ही सदस्यता स्वतः समाप्त मानी जाएगी।
  4. सदस्यता हेतु संस्था की आधिकारिक वेबसाइट अथवा अधिकृत ऑफलाइन फॉर्म के माध्यम से पंजीकरण अनिवार्य होगा।
  5. प्रत्येक सदस्य को ₹101 (एक सौ एक रुपये मात्र) का वार्षिक सदस्यता शुल्क/दान ऑनलाइन माध्यम से देना अनिवार्य होगा।

अध्याय – 3 : वार्षिक दान एवं वैधानिकता

  1. वार्षिक सदस्यता शुल्क/दान की वैधता एक वर्ष होगी।
  2. सदस्यता अवधि समाप्त होने के उपरांत 30 दिवस का ग्रेस पीरियड प्रदान किया जाएगा।
  3. निर्धारित समय सीमा में शुल्क/दान जमा न करने की स्थिति में सदस्यता स्वतः अवैधानिक हो जाएगी।
  4. अवैधानिक सदस्य किसी भी योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने हेतु पात्र नहीं होगा।

अध्याय – 4 : आकस्मिक निधन पर पारिवारिक सहयोग योजना

  1. यदि फाउंडेशन के किसी वैधानिक सदस्य का आत्महत्या के अतिरिक्त किसी भी कारण से निधन हो जाता है, तो नियमानुसार उसके नामित नॉमिनी के लिए सहयोग हेतु अपील की जाएगी।
  2. यह सहयोग संस्था से जुड़े अन्य सदस्यों द्वारा न्यूनतम निर्धारित राशि के रूप में सीधे नॉमिनी के बैंक खाते / UPI में किया जाएगा।
  3. वर्तमान में प्रति सदस्य न्यूनतम सहयोग राशि ₹101 निर्धारित है, जिसे परिस्थितियों के अनुसार घटाया या बढ़ाया जा सकता है।

अध्याय – 5 : लॉकइन पीरियड

  1. सदस्यता ग्रहण करने की तिथि से प्रथम 10 माह का लॉक-इन पीरियड रहेगा।
  2. लॉक-इन पीरियड के दौरान सदस्य के निधन की स्थिति में कोई सहयोग देय नहीं होगा।
  3. लॉक-इन पीरियड पूर्ण होने के उपरांत सदस्य को योजना हेतु वैधानिक माना जाएगा।

अध्याय – 6 : सहयोग निरंतरता, योजना प्रक्रिया, पात्रता, सत्यापन एवं निर्णय व्यवस्था

  1. किसी भी योजना के अंतर्गत वैधानिक लाभ हेतु सदस्य द्वारा कुल अवसरों में से न्यूनतम 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य होगा।
  2. जो सदस्य 90% सहयोग की सीमा पूर्ण नहीं करता है, वह स्वतः अपात्र माना जाएगा।
  3. अपात्र सदस्य लगातार 8 माह सहयोग कर पुनः पात्रता प्राप्त कर सकता है।
  4. किसी भी योजना के अंतर्गत सहयोग अथवा लाभ तभी प्रदान किया जाएगा, जब संबंधित सदस्य द्वारा उस योजना में लगातार न्यूनतम 6 अवसरों पर सहयोग किया गया हो
  5. योजना के अंतर्गत एक बार सहयोग प्राप्त करने के पश्चात लाभार्थी सदस्य को यह लिखित शपथपत्र देना अनिवार्य होगा कि वह आगे आजीवन हिंद अभिमान फाउंडेशन की योजनाओं में सहयोग करता रहेगा
  6. यह स्पष्ट किया जाता है कि हिंद अभिमान फाउंडेशन स्वयं किसी भी योजना के अंतर्गत सीधे किसी सदस्य या नॉमिनी को धनराशि प्रदान नहीं करती है
  7. योजना के अंतर्गत सहयोग हेतु संस्था अपने सदस्यों से सार्वजनिक अपील करेगी, जो—
  • आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप,
  • हिन्द अभिमान फाउंडेशन की वेबसाइट,
  • तथा संबंधित सदस्य के ऑनलाइन मेंबर डैशबोर्ड
    पर प्रकाशित की जाएगी।
  1. सदस्य सीधे लाभार्थी सदस्य अथवा नामित नॉमिनी के बैंक खाते / UPI / QR Code के माध्यम से स्वेच्छा से सहयोग करेंगे। संस्था किसी भी स्थिति में धनराशि अपने पास नहीं रखेगी।
  2. किसी भी योजना के अंतर्गत सहयोग प्रदान करने से पूर्व लाभार्थी का भौतिक सत्यापन अनिवार्य होगा। यह सत्यापन—
  • संबंधित ब्लॉक/जनपद के संस्था पदाधिकारी, अथवा
  • संस्था की कोर कमेटी/प्रबंध समिति
    द्वारा किया जाएगा।
  1. योजना से संबंधित आवेदन के साथ मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह की स्थिति में शादी कार्ड, कम से कम 5 स्थानीय गवाह, तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
  2. सभी जनपदों के संस्था पदाधिकारियों के नाम एवं मोबाइल नंबर संस्था की वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से प्रकाशित किए जाएंगे।
  3. योजना संबंधी सभी आवेदनों पर कोर कमेटी द्वारा विचार किया जाएगा। आवेदन स्वीकार या अस्वीकार करने का पूर्ण अधिकार प्रबंध समिति/कोर कमेटी के पास सुरक्षित रहेगा।
  4. किसी भी योजना के अंतर्गत कोई भी सदस्य, लाभार्थी या नॉमिनी किसी प्रकार का कानूनी दावा या न्यायिक चुनौती प्रस्तुत नहीं कर सकेगा
  5. योजना से संबंधित हिंद अभिमान फाउंडेशन का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा

अध्याय – 7 : आत्महत्या एवं अपराध संबंधी अपात्रता

  1. आत्महत्या की स्थिति में किसी भी प्रकार का आर्थिक अथवा सामाजिक सहयोग प्रदान नहीं किया जाएगा।
  2. यदि नामित नॉमिनी द्वारा ही सदस्य की हत्या सिद्ध होती है, तो उसे कोई सहयोग नहीं दिया जाएगा।
  3. ऐसी स्थिति में संस्था की कोर कमेटी वैकल्पिक पात्र नॉमिनी निर्धारित करने के लिए स्वतंत्र होगी।

अध्याय – 8 : बेटी विवाह सहयोग योजना

  1. संस्था आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पुत्रियों के विवाह हेतु बेटी विवाह सहयोग योजना संचालित करेगी।
  2. इस योजना में लाभ हेतु न्यूनतम 2 वर्ष का लॉकइन पीरियड पूर्ण करना अनिवार्य होगा।
  3. एक सदस्य की अधिकतम दो जैविक पुत्रियां ही इस योजना के अंतर्गत पात्र होंगी।

अध्याय – 9 : मातापिता की मृत्यु की स्थिति में विशेष नियम

  1. यदि सदस्य (माता/पिता) की मृत्यु पुत्री के विवाह से पूर्व हो जाती है, तो जीवित माता या पिता सदस्य बन सकता/सकती है।
  2. इस स्थिति में लॉक-इन पीरियड की गणना मृत सदस्य की मूल सदस्यता तिथि से की जाएगी।

अध्याय – 10 : 65 वर्ष आयु पश्चात सहयोग

  1. 65 वर्ष आयु पूर्ण होने के पश्चात निधन की स्थिति में ट्रस्ट निधि से ₹20,000 (अधिकतम) अंतिम संस्कार सहयोग दिया जा सकता है, जो निधि की उपलब्धता पर निर्भर करेगा।

अध्याय – 11 : अनुशासन एवं दुष्प्रचार

  1. संस्था के विरुद्ध झूठे आरोप, अफवाह अथवा दुष्प्रचार करने पर सदस्यता समाप्त की जा सकती है।
  2. अनुशासनहीनता अथवा संस्था-विरोधी गतिविधि में लिप्त पाए जाने पर सदस्यता निरस्त की जा सकती है।

अध्याय – 12 : ट्रस्ट फंड का उपयोग

  1. ट्रस्ट फंड का उपयोग वेबसाइट/ऐप संचालन, हेल्पलाइन, कार्यालय व्यय, सत्यापन, प्रचार-प्रसार, जरूरतमंदों की सहायता एवं तकनीकी सुधार में किया जाएगा।

अध्याय – 13 : अंतिम प्रावधान

  1. यह सभी योजनाएँ नैतिक एवं सामाजिक सहायता के अंतर्गत आती हैं, इन्हें कानूनी अधिकार नहीं माना जाएगा।
  2. किसी भी विवाद अथवा निर्णय की स्थिति में हिन्द अभिमान फाउंडेशन का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा।
  3. फाउंडेशन की वेबसाइट पर प्रकाशित नियमावली ही अंतिम रूप से मान्य होगी।

घोषणा

“हिन्द अभिमान फाउंडेशन समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मानपूर्वक सहयोग पहुँचाने हेतु प्रतिबद्ध है।